Dec 31, 2009

=> प्रेम यानि प्यार क्या है?

                        मनुष्य धरती का अनोखा जीव है जिसे हर तरह से सुख-सुबुधायें प्राप्त है, और अन्य से अलग दिखने का रहस्य है प्रेम या बिचारों की अभिब्यक्ति! प्रेम ऐसा माध्यम है जिसका सम्बन्ध ज्ञान से है! जब प्रेम रुपी सूर्य उदय होता है तो अज्ञान व आशक्त रुपी मोह का अंत होता है, प्रेम अनेकता में एकता की कड़ी है! इसका गणित  अनोखा है जिसमे एक और एक का जोड़ हमेशा एक ही होता है! जिसे हम प्रेम करते हैं उशे कभी याद करने की जरूरत नहीं होती,वह स्वतः आत्मसात होता है! मगर प्रेम उसी में है जो पूर्ण होता है यानि जो शिक्षा,आचरण,ज्ञान सभी में सक्षम है!प्रेम स्वतः से होता जिसे सिर्फ बलिदान से पाया जा सकता है!
                       अतः प्रेम अनंत भाव का समूह है जिसकी अनंत पहचान है, अनगिनत परिभासायें हैं, इसके वर्णन का उपयुक्त सब्द आज तक नहीं खोजा गया है बस इशे महसूस किया जा सकता है!

Dec 28, 2009

=> Superstition अन्धबिस्वास


                              Superstition is a reason that interrupts mostly the people life. Today every person weather he is literate or illiterate are seen living with superstation. But only illiterates are getting harm. A vital group of peoples are under the fake saint, Ojha & Tantrik. Who are wasting their time and money uselessly?
                               The causes of death in inferior towns and villages are superstition today. A lot of people are poor and illiterate so they can’t treat themselves by medical. In a story “Mantra” by Premchand , it is mentioned that superstition is able to take anybody’s life.
                                Today we read in news papers or watch on T.V. usually that the Men are looted by Tantriks as well as women are raped by false man taking the superstition’s benefit. It is wide false notion in the human being which is affecting the life directly. In my opinion unless superstition is not lifting our life, we have to fight with it.



Dec 24, 2009

=> मै स्मोकर कैसे बन गया????

सबकोई हमसे पूछता है की तुम कैसे स्मोकर बन गए????




तो मै कहता हूँ की मै ऐसा नहीं था मै तो ऐसा था--------




जब तक की मैंने उस लड़की को नहीं देखा था!!!!!




मै उससे हमेसा उसकी तारीफ किया करता था !!!जैसे की तुम बहुत सुन्दर हूँ,तुम बहुत स्मार्ट हो..........




मैंने उससे बहुत सारे  वादे किये ...........



मैंने उसके लिए १४ फरवरी को  कीमती उपहार भी भेट किया...




हमारी खुशिओं का ठिकाना न रहा जब उसने मुझे अपना दोस्त मान लिया>>>>>>>>>>>




मै उससे सारी रात बातें किया करता था यहाँ तक की ऑफिस में भी .........




जब भी मै अपने गर्ल फ्रेंड  के साथ घूमने जाया करता था तो वो मुझे कुछ इस  तरह से देखा करती थी......



ठीक उसी समय मै उसे कुछ इश अंदाज में उत्तर दिया करता था......


और मेरी गर्लफ्रेंड मुझे फूलों का गुलदस्ता दे कर चली जाया करती थी......


और उसके बाद मुझे समझ में नहीं आता था की मै क्या करूँ? कहा जाऊं ?????


तभी मुझे इसका हल मिल गया ...........!!!!!!



और तभी से मैंने स्मोकिंग और ड्रिंकिंग शुरू कर दी!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!  !!!!!!!!!!!!!!!!.............

=> Attitude

If



A B C D E F G H I J K L M N O P Q R S T U V W X Y Z
is equal to
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26

Then,


Hard WorkH+A+R+D+W+O+R+K
8+1+18+4+23+15+18+11 = 98%




Knowledge
K+N+O+W+L+E+D+G+E
11+14+15+23+12+5+4+7+5 = 96%




Love
L+O+V+E
12+15+22+5 = 54%




Luck
L+U+C+K
12+21+3+11 = 47%


most of us think this is the most important ??? )


Then what makes 100% ?

Is it Money ? .. NO ! ! !


M+O+N+E+Y
13+15+14+5+25 = 72%


Leadership ? .... NO ! ! !


L+E+A+D+E+R+S+H+I+P
12+5+1+4+5+18+19+9+16 = 89%


Every problem has a solution, only if we perhaps change our attitude.




To go to the top,
to that 100% ,


what we really need to go further... a bit more...



ATTITUDE
A+T+T+I+T+U+D+E
1+20+20+9+20+21+4+5 = 100%

Dec 19, 2009

=>Love & Friend



Once Love and Friend were walking together in a forest.
the weather were pleasant and shoewering generally.light were thunduring and winds were blezing......

A well came in the way& suddenly Love fells into th Well.....
                           Know Why??
        Because............Love Is Blind..........

After thinking a few minut Friend also fells into the Well..........!!!!!!!

          

                     Now Dont Ask why???

Arey dear .........Because.......

                               Friend can do everything for the Love .


=> जिंदगी क्या है

ना ज़मीन, ना सितारे, ना चाँद, ना रात चाहिए,

दिल मे मेरे, बसने वाला किसी दोस्त का प्यार चाहिए,



ना दुआ, ना खुदा, ना हाथों मे कोई तलवार चाहिए,
मुसीबत मे किसी एक प्यारे साथी का हाथों मे हाथ चाहिए,



कहूँ ना मै कुछ, समझ जाए वो सब कुछ,
दिल मे उस के, अपने लिए ऐसे जज़्बात चाहिए,






उस दोस्त के चोट लगने पर हम भी दो आँसू बहाने का हक़ रखें,
और हमारे उन आँसुओं को पोंछने वाला उसी का रूमाल चाहिए,




मैं तो तैयार हूँ हर तूफान को तैर कर पार करने के लिए,
बस साहिल पर इन्तज़ार करता हुआ एक सच्चा दिलदार चाहिए,




उलझ सी जाती है ज़िन्दगी की किश्ती दुनिया की बीच मँझदार मे,
इस भँवर से पार उतारने के लिए किसी के नाम की पतवार चाहिए,




अकेले कोई भी सफर काटना मुश्किल हो जाता है,
मुझे भी इस लम्बे रास्ते पर एक अदद हमसफर चाहिए,




यूँ तो 'मित्र' का तमग़ा अपने नाम के साथ लगा कर घूमता हूँ,

Dec 16, 2009

=> धन्य है मेरे भारत के कर्णधार

भारत एक कृषि प्रधान देश है ! इससे परे  यह एक बिकाशसील देश भी है...यूँ तो पहले ये सोने की चिडिया के नाम से जाना जाता था......मगर अब यह मिटटी की भी नहीं रहा ऐशा लगता है क्योंकि भ्रस्टाचार के जो भी मामले आमने आते है... इनसे तो यही लगता है !
             Transpirancy  International India  के ताज़ा सर्वेक्षण यही कहते है ......१८० देशों में कराये गए इस सर्वेक्षण में भारत पिचले साल की तरह इस साल भी ३.४ अंक के साथ ४८वे नम्बर पे बना हुआ  है......जबकि इसी सर्वेक्षण में साल २००७ में ३.५ अंक के साथ ये ७२वे स्थान पर था !
                      वाह क्या प्रगति है पासिंग मार्क तो मिल ही गए हमें इससे
                                                                                      ज्यादा क्या चाहिए ????????????      पप्पू कांट डांस साला ..........इतने कम नबर पे डांस कैसे कर सकता है......

                      कभी लालू यादव  का चारा घोटाला तो कभी मधु कोड़ा का चार हज्जार करोड़ का घोटाला हो .......ये सभी समर्थ हैं भारत में फैले भ्रस्टाचार को बयान करने के लिए .......मीडिया में पर्दाफास होने के बावजूद इन सभी का कुछ नहीं बिगड़ता ....क्योंकि पूरा सरकारी तंत्र ही भ्रस्टाचार रुपी कैंशर का शिकार है............
जब कोई नेता अचानक ऐशे केश में पकड़ा जाता है तो कुछ दिन मामला उठापठक में रहता है इशके
 बाद ठंढे बस्ते में चला जाता है और फिर क्या होता है सब जानते है..........
                          हमें यानि जनता को जागरूक होना होगा तभी अपने द्वारा दिए गए टैक्स को अपने हित में प्रयोग कर पाएंगे !    


       "तुमको मंजिल की अपने छह नहीं, जा रहे हो जिधर राह नहीं
      
      कितने महलों को कर गयी खान्दर, बेअसर है वो असरदार नहीं 
     
    जिसमे थंधक थी ऐतबार भी थी अब वो पहले सी क्यों निगाह नहीं"





Dec 15, 2009

=> ईस्वर से दूर गरीब

लोग कहते हैं की हम जैसा करेंगे वैसा ही फल मिलेगा, जो की तर्कपूर्ण है! इंसान जानवरों से अलग है क्योंकि इशके पास दिमाग जैसी स्कीम  है ! और ईश्वर प्रदत्त  बस्तुएं हमेशा सर्वोपरी होती है ! ऐसे यदि कोई गरीब है तो इसमे  खुद उसका ही हाँथ है! ईश्वर  तक उशे माफ़  नहीं करता है क्योंकि उसने हमें धरती पर भेजा तो हमें दिमाग जैसी स्कीम दी है ताकि हम कठिन परिस्थित में भी तर्कसंगत जबाब ढूँढने में मदद मिले! अब हम यदि ईश्वर से प्राप्त दिमाग का इस्तेमाल खुद को शुख प्रदान करने में न करूं तो भगवान का कोई दोष नहीं है!

                         "दोष हम देते रहे तूफ़ान को
                 और थे कई छेद मेरी नाव में"

Dec 14, 2009

=> कुत्ता = आदमी

नमस्कार!!!
          शीर्षक से ही स्पस्ट है की आज हम आदमी के सबसे वफादार नौकर कुत्ता की बात करेंगे!
कभी-कभी ऐसी परिस्थित सामने आ जाती है की यह निर्णय कर पाना मुस्किल होता है की कौन
अधिक अच्छा है!
          एक बार की बात है की हमारे पडोशी शर्मा जी व वर्मा जी के कुत्ते आपश में झगड़ पड़े! शर्मा
जी का कुत्ता वर्मा जी के कुत्ते पर भारी पड़ने लगा इश पर वर्मा जी ने एक पत्थर उठाया और शर्मा
जी के कुत्ते को दे मारा !!!!!!!......थादाक.....
कुत्ता चिल्लाते हुए घर की तरफ भगा .......शर्मा जी से उसकी ये हालत देखि न गयी और वे बहार
निकल कर गरजते हुए बोले कौन मेरे टोनी को मारा ???...?
वर्मा जी ने रोब गांठते हुए उत्तर दिया की.... मैंने मारा है??
क्यों????
क्योंकि ये......
तुम्हे तो देख लूँगा???
अरे जा जा......


और अब आलम यह था की कुत्ते की जगह मालिको ने ले ली थी और......झगडा शुरू करने वाले दोनों कुत्ते दूर से दोनों मालिकों की शिर फुटौव्वल देख रहे थे और मुस्कुरा रहे थे.......

Dec 13, 2009

मुझे अति  प्रसन्नता है की मै भारत जैसे देश में पैदा हुआ हूँ
जहाँ भगवान्  भी जन्म लेने को तो तरसते है
यह देश महान है यहाँ पर हर तरह की बस्तुएं मौजूद हैं
मेरे देश की रास्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल हिल जो एक सहिष्णु महिला हैं और
हमारे देश की शान  हैं..........

Name Smt. Pratibha Devisingh Patil Music for Sleep And Relaxation
The Concert - Dr.M.Balamurali Krishna



Annamalai



Radha Kalyanam



Yoga Nidra



Thirumangai Alwar



Maadhu +2



Sundara Kaandam



Vedic Mantras to improve education and memory





Profession Politician, Social Worker, practiced as Advocate at Jalgaon

Date of Birth 13 December 1934

Birth Place Nadgaon, Maharashtra

Nationality Indian

Religion Hindu

Political affiliation Congress(I)

Education * R.R. School at Jalgaon

* M.A. from Mooljee Jaitha (M.J.) College, Jalgaon

* law degree from the Government Law College, Mumbai

Mentor S.B. Chavan

Family * Father: Narayan Paglu Rao

* Husband: Dr Devisingh Ramsingh Shekhawat

* Son: Rajendra Singh

* Daughter: Jyoti Rathore

* Grandchildren: 4 grandsons; 4 granddaughters

Marriage date * Married Devisingh Ransingh Shekhawat on July 7, 1965.

As a

दोस्ती क्या है ?

खुशी भी दोस्तो से है,
गम भी दोस्तो से है,
तकरार भी दोस्तो से है,
प्यार भी दोस्तो से है,
रुठना भी दोस्तो से है,
मनाना भी दोस्तो से है,
बात भी दोस्तो से है,
मिसाल भी दोस्तो से है,
नशा भी दोस्तो से है,
शाम भी दोस्तो से है,
जिन्दगी की शुरुआत भी दोस्तो से है,
जिन्दगी मे मुलाकात भी दोस्तो से है,
मौहब्बत भी दोस्तो से है,
इनायत भी दोस्तो से है,
काम भी दोस्तो से है,
नाम भी दोस्तो से है,
ख्याल भी दोस्तो से है,
अरमान भी दोस्तो से है,
ख्वाब भी दोस्तो से है,
माहौल भी दोस्तो से है,
यादे भी दोस्तो से है,
मुलाकाते भी दोस्तो से है,
सपने भी दोस्तो से है,
अपने भी दोस्तो से है,
या यूं कहो यारो,
अपनी तो दुनिया ही दोस्तो से  हैI
                                आपका त्रिनाथ