Aug 19, 2014

=> नयी सदी की आधी औरत


  • रुपाश्री शर्मा

आधी औरत होने के कितने मायने है और कितने नहीं, यह सवाल ही अपने आप में कम महत्वपूर्ण नहीं है। मगर इस नयी सदी की जिस औरत को सम्पूर्ण औरत का दर्जा देकर तमाम तरह के स्लोगन से सुशोभित कर और श्रेष्ठता के तमाम तमगों से नवाज कर तुम्हारा यह मर्यादा पुरुष समाज जिस तरह महिमा मंडित कर रहा है, उससे मैं यानि की आधी औरत केवल इन स्लोगन से तो पूर्ण होने से रही।
              तुम मेरे इस आधी होने के पर्याय भर को ही पूर्ण मान कर अपने सम्तुल्य होने का दम्भ भर रहे हो .....जानते हो न मैं यानी की एक आधी औरत और तुम इस नयी सदी के जन नायक , मर्यादित गाथाओ से लवरेज ,उन वीर सूरमाओं के अग्रणी जिनमे न जाने कितने ही इतिहास दफ़न हुए यह तुम हो .......