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Jan 15, 2020

गुटखा कंपनी ने 1000 करोड़ रु. की टैक्स चोरी की


भोपाल .राजश्री पान-मसाला कंपनी द्वारा पिछले 9 महीने में एक हजार करोड़ रुपए से अधिक की टैक्स चोरी की है। यह खुलासा जांच एजेंसियों की अब तक की जांच में सामने आया है। टैक्स चोरी का यह आंकड़ा एक हजार करोड़ रुपए अधिक होने की आशंका है। टैक्स चोरी के लिए कंपनी ने अपने रिकाॅर्ड में पिछले 9 महीने में 127 करोड़ पाउच की पैकिंग करने का दावा किया है, लेकिन जांच में सामने आया है कि इस दौरान फैक्टरी में 450 करोड़ पाउच पैक किए गए हैं। टैक्स चोरी के इस मामले में ईओडब्ल्यू गुटखा किंग शिवकांत चौरसिया और कमलकांत चौरसिया समेत अन्य संचालकों के खिलाफ एक-दो दिन में एफआईआर दर्ज करेगी। जांच एजेंसी को खाद्य एवं औषधि को भेजे गए पान मसाले के सैंपल की रिपोर्ट का भी इंतजार है। ईओडब्ल्यू के साथ नौ विभागों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पांच दिन पहले गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया के डी सेक्टर स्थित कायपान इंडस्ट्री पर छापा मारा था।

ईओडब्ल्यू के मुताबिक फैक्टरी संचालकों द्वारा एक ही फैक्टरी में दो ब्रांड राजश्री और कमला पसंद में एक की पान मसाले की पैकिंग कर टैक्स चोरी की जा रही थी। यह पान मसाला अमानक स्तर का था। कंपनी द्वारा पिछले नौ महीने में 500 करोड़ रुपए जीएसटी दिया था। सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसियों की जांच में सामने आया है कि कंपनी द्वारा 1000 करोड़ रुपए से अधिक की टैक्स चोरी की है। अधिकारियों का कहना है कि कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच लगभग पूरी हो चुकी है।
संभवत: बुधवार को कंपनी के मालिकों और संचालकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की जा सकती है। वहीं, सील फैक्टरी में तीन दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में लगी आग की पुलिस जांच कर रही है। फैक्टरी में पुलिस और जीएसटी के गार्ड की मौजूदगी के बाद शार्ट सर्किट से आग लग गई थी। ईओडब्ल्यू एसपी अरुण मिश्रा का कहना है कि आग से किसी भी प्रकार के रिकार्ड को नुकसान नहीं पहुंचा था। जब्त रिकार्ड पूरी तरह सुरक्षित है। यह आग फैक्टरी के बेसमेंट में लगी थी। कच्ची सुपारी तक आग पहुंचने से पहले ही उस पर काबू पा लिया गया था। फैक्टरी में काम करने वाले मजदूर परिसर में ही रहते हैं।
हर मिनट 750 पाउच की होती है पैकिंग
सूत्रों के मुताबिक फैक्टरी में 13 मशीनें हैं। एक मशीन प्रति मिनट 750 पाउच पैक करती है। जिसमें 5 रुपए, 10 रु. और 15 रु. के पाउच शामिल हैं। कंपनी ने नौ महीने में 127 करोड़ पाउच की पैकिंग करना रिकाॅर्ड में दर्शाया है। फैक्टरी के कर्मचारियों ने बताया कि 13 मशीनों पर 24 घंटे पाउच पैकिंग होती है। मशीनों एवं कर्मचारियों को रेस्ट देने के बाद भी 24 घंटे में 13 मशीनें लगभग 450 करोड़ पाउच की पैकिंग कर रहीं थी। इस लिहाज से कंपनी द्वारा लगभग 325 करोड़ पाउच के पाउच की टैक्स चोरी की गई। वाणिज्यिक कर विभाग और ईओडब्ल्यू द्वारा पाउच की पैकिंग के हिसाब से टैक्स चोरी का आकलन किया जा रहा है।

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