मेरठ। नगर में चल रहे परीक्षितगढ़ महोत्सव में नगर व क्षेत्र के विद्यार्थियों ने गान्धारी सरोवर, श्रृंग ऋषि आश्रम, कात्यायनी देवी मंदिर, नवलदेह कूप, गोपेश्वर धाम, विभाण्डक ऋषि आश्रम, महादेव मंदिर सहित ऐतिहासिक स्थलों के इतिहास की जानकारी ली और प्रोजेक्ट तैयार किये।
Eradio India से बातचीत में समिति अध्यक्ष विष्णुअवतार रुहेला ने सभी ऐतिहासिक स्थलों के इतिहास की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि परीक्षितगढ़ रामयण एवं महाभारत कालीन ऐतिहासिक नगर हैं। रामायण काल के ऋषियों के आश्रम और राजा परीक्षित द्वारा बसाई इस नगरी में आज भी प्राचीन ऐतिहासिक स्थल मौजूद हैं।
अखिल विद्या समिति द्वारा परीक्षितगढ़ को पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने के लिए प्रयास किया जा रहा है, जिसके लिए देश-विदेश से पर्यटकों को परीक्षितगढ़ महोत्सव में आमंत्रित किया गया है। इस अवसर पर पं कुलदीप भारद्वाज, नंदकिशोर पप्पू , अंजलि बिमलेश, मीनाक्षी नागर, स्वाति, छवि, चिंकी, मोहित, राजेन्द्र सिंह आदि का सहयोग रहा।
Eradio India से बातचीत में समिति अध्यक्ष विष्णुअवतार रुहेला ने सभी ऐतिहासिक स्थलों के इतिहास की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि परीक्षितगढ़ रामयण एवं महाभारत कालीन ऐतिहासिक नगर हैं। रामायण काल के ऋषियों के आश्रम और राजा परीक्षित द्वारा बसाई इस नगरी में आज भी प्राचीन ऐतिहासिक स्थल मौजूद हैं।
अखिल विद्या समिति द्वारा परीक्षितगढ़ को पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने के लिए प्रयास किया जा रहा है, जिसके लिए देश-विदेश से पर्यटकों को परीक्षितगढ़ महोत्सव में आमंत्रित किया गया है। इस अवसर पर पं कुलदीप भारद्वाज, नंदकिशोर पप्पू , अंजलि बिमलेश, मीनाक्षी नागर, स्वाति, छवि, चिंकी, मोहित, राजेन्द्र सिंह आदि का सहयोग रहा।


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