शहर में शाम होते ही सांस्कृतिक भवन के सामने लगा हाईमास्क लाइट बंद हो जाता है। इसके बंद होने से रमना मैदान, जज कोठी मोर व शहीद भवन जाने वाली सड़क अंधकार में हो जाता है। रिहायशी इलाके होते हुए भी लाइट की सही स्थिति नहीं रहती है। रोज यही स्थिति बना रहता है। इसके बाद भी नगर निगम के द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। लाइट बंद हो जाने के बाद बाइकर्स गैंग एक्टिव हो जाते हैं। कई बार ऐसा होता है कि लाइट बंद होते हैं राह चलते मोबाइल से बात करते राहगीरों से मोबाइल लूट लिया जाता है। ऐसा कई बार वारदात हो चुका है। पब्लिक की सुरक्षा के लिए यह लाइट को ठीक होना बहुत जरूरी है। एक मास्क लाइट की कीमत 5 लाख रुपए हैं। इसका सही समय पर मेंटेनेंस नहीं होने की वजह से लाइट अपने आप जलता है और बंद भी हो जाता है। इससे राहगीरों को भी काफी परेशानी होती है।
शहर में शाम होते ही सांस्कृतिक भवन के सामने लगा हाईमास्क लाइट बंद हो जाता है। इसके बंद होने से रमना मैदान, जज कोठी मोर व शहीद भवन जाने वाली सड़क अंधकार में हो जाता है। रिहायशी इलाके होते हुए भी लाइट की सही स्थिति नहीं रहती है। रोज यही स्थिति बना रहता है। इसके बाद भी नगर निगम के द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। लाइट बंद हो जाने के बाद बाइकर्स गैंग एक्टिव हो जाते हैं। कई बार ऐसा होता है कि लाइट बंद होते हैं राह चलते मोबाइल से बात करते राहगीरों से मोबाइल लूट लिया जाता है। ऐसा कई बार वारदात हो चुका है। पब्लिक की सुरक्षा के लिए यह लाइट को ठीक होना बहुत जरूरी है। एक मास्क लाइट की कीमत 5 लाख रुपए हैं। इसका सही समय पर मेंटेनेंस नहीं होने की वजह से लाइट अपने आप जलता है और बंद भी हो जाता है। इससे राहगीरों को भी काफी परेशानी होती है।

No comments:
Post a Comment