वीकेएसयू ने संबद्ध कॉलेजों पर नकेल कसने की पूरी प्लानिंग बना ली है। छात्राओं से नामांकन शुल्क लेने वाले संबद्ध कॉलेजों की अब खैर नहीं है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने सिंडिकेट सदस्यों की आठ कमेटी बनाई है। प्रत्येक कमेटी में तीन-तीन सदस्य होंगे। गठित कमेटी जांच कर 30 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रबंधन को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर अगली सिंडिकेट में निर्णय लिया जायेगा। कुलसचिव श्यामानंद झा ने बताया कि राज्य सरकार का सख्त निर्देश है कि छात्राओं से शुल्क नहीं लेना है। सरकार ने वर्ष 2016,17,18 एवं 2019 में किन-किन छात्राओं से किस-किस कॉलेजों ने कितना शुल्क लिया है। उसका डाटा मांगा है। विश्वविद्यालय अपने स्तर पर कमेटी गठित कर उन पर क्या कार्रवाई कर रही है। इससे अवगत कराने को कहा है। संबंद्ध कॉलेजों पर नकेल कसने के लिए आठ कमेटी बनायी गयी है। आरा के संबद्ध कॉलेजों की बनी कमेटी में प्रति कुलपति प्रो नन्द किशोर साह, उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त सह सचिव, छात्र कल्याण अध्यक्ष प्रो केके सिंह शामिल है।
वीकेएसयू ने संबद्ध कॉलेजों पर नकेल कसने की पूरी प्लानिंग बना ली है। छात्राओं से नामांकन शुल्क लेने वाले संबद्ध कॉलेजों की अब खैर नहीं है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने सिंडिकेट सदस्यों की आठ कमेटी बनाई है। प्रत्येक कमेटी में तीन-तीन सदस्य होंगे। गठित कमेटी जांच कर 30 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रबंधन को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर अगली सिंडिकेट में निर्णय लिया जायेगा। कुलसचिव श्यामानंद झा ने बताया कि राज्य सरकार का सख्त निर्देश है कि छात्राओं से शुल्क नहीं लेना है। सरकार ने वर्ष 2016,17,18 एवं 2019 में किन-किन छात्राओं से किस-किस कॉलेजों ने कितना शुल्क लिया है। उसका डाटा मांगा है। विश्वविद्यालय अपने स्तर पर कमेटी गठित कर उन पर क्या कार्रवाई कर रही है। इससे अवगत कराने को कहा है। संबंद्ध कॉलेजों पर नकेल कसने के लिए आठ कमेटी बनायी गयी है। आरा के संबद्ध कॉलेजों की बनी कमेटी में प्रति कुलपति प्रो नन्द किशोर साह, उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त सह सचिव, छात्र कल्याण अध्यक्ष प्रो केके सिंह शामिल है।

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