Jul 27, 2010

=> बने अच्छे वक्ता

                             आवाज हमारे व्यक्तित्व का अहम हिस्सा है, जिसके बिना हमारी पर्सनॉलिटी अधूरी है। यदि आप दिखने में बहुत आकर्षक हैं, लेकिन आपकी आवाज या बोलने के तरीके में कोई खामी है, तो इसका आपके व्यक्तित्व पर विपरीत असर पड़ सकता है। जरूरी नहीं कि आवाज अच्छी हो। आप वॉइस मॉड्यूलेशन से आवाज को बेहतर बना सकते हैं।

वॉइस क्वालिटी
                                आप दूसरों को अपने लुक्स से कहीं ज्यादा अपने बोलने के लहजे से लोगों को आकर्षित कर सकते हैं। आपका आत्मविश्वास आपकी आवाज व बोलने के ढंग से तुरंत दिख जाता है। धीरे- धीरे शांति से अपनी बात रखने वाले व्यक्ति से कोई भी डर जाता है। अमिताभ बच्चन और सुष्मिता सेन जैसी हस्तियों की सफलता का बहुत बड़ा राज उनकी वॉइस क्वालिटी है।
communication skills


सही गैपिंग जरूरी
                                   बोलते समय अपने शब्द और वाक्यों के बीच सही गैपिंग रखें। इससे आपकी बातों में आपकी भावनाएं बेहतर तरीके से व्यक्त हो सकेंगी। पीच को धीमी रखें, लेकिन इतनी धीमी आवाज में भी बात न करें कि लोगों तक आपकी आवाज ही न पहुंच पाए। बोलते समय यदि कोई आपसे प्रश्न करता है, तो उसे अपनी बात रखने का पूरा मौका दें। भाषा ऎसी उपयोग करें, जो बड़े वर्ग को समझ में आए। कठिन भाषा के इस्तेमाल से बचें और हो सके तो बोलते समय अपने सेंस ऑफ ±यूूमर का पूरा उपयोग करें। इससे आप श्रोताओं को बांध सकेंगे। साथ ही बोलते समय सही आई कॉन्टेक्ट रखें, जिससे आत्मविश्वास झलके।

गार्बेज वर्डस दूर करें
                                    अच्छे वक्ता की खासियत होती है कि वह ओह, श..., जैसे गार्बेज वड्र्स से अपने उद्बोधन को दूर रखता है। आप कितना ही अच्छा भाषण दे रहे हों, लेकिन बीच में इस तरह के शब्दों का प्रयोग वैसा होता है मानों खाने के बीच में मुंह में कंकड़ आ जाना। साथ ही आवाज की पिच को भी नियंत्रित करें।

जल्दबाजी सही नहीं
                                        कोशिश करें अपनी बात कम शब्द और धीमी गति में बोलें। जल्दबाजी से आपकी बातें वह प्रभाव नहीं डाल पाएगी, जो आप चाहते हैं। बोलते समय अपने विषय पर एकाग्रता रखें। इससे आपकी आवाज में जो पैशन और आकर्षण पैदा होगा, उसका कोई तोड़ नहीं होगा।

टिप्स

  1. बोलते समय आपका उद्बोधन रूम में उपस्थित सभी लोगों से हो।
  2. बोलते समय अपनी भावनाओं के साथ-साथ आवाज में परिवर्तन करें और इसमें शरमाएं नहीं।
  3. बोलते समय ऑडियंस के बीच चलते-फिरते रहें और उन्हें भी अपनी बातचीत में शामिल करें।
  4. बोलते वक्त बीच में आराम जरूर लें।

2 comments:

माधव said...

सही सलाह

Shilpi said...

This is the perfect suggestion....