नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के शामली की पंजाबी कॉलोनी में मंगलवार को हुए सनसनीखेज चोहरे हत्याकांड का आरोपित प्रसिद्ध भजन गायक अजय पाठक का चेला हिमांशु ही निकला। वह शामली के झारखेड़ी गांव का रहने वाला है। वारदात के 20 घंटे बाद पानीपत टोल प्लाजा पर पुलिस की चेकिंग देख हिमांशु ने ईको स्पोर्ट कार की डिक्की में पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इससे डिक्की में अजय पाठक के इकलौते बेटे भागवत (10) का शव बुरी तरह जल गया। आग की लपटें देख पुलिस ने हिमांशु को गिरफ्तार कर लिया।
मंगलवार रात को ही शामली पुलिस उसे ले गई। शामली पुलिस के अनुसार, हिमांशु अजय के सबसे करीब रहा है। हिमांशु ने अजय, उसकी पत्नी, बेटी व बेटे का बेरहमी से कत्ल किया। अजय पाठक पर हिमांशु के 60 हजार रुपये उधार थे। रुपये मांगने पर हुई तकरार व बीबी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर हिमांशु आपा खो बैठा और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने हिमांशु की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तलवार, पहने कपड़े, खुखरी, चार मोबाइल भी बरामद किए है।
हिमांशु को नहीं थी पुलिस के पीछा करने की भनक
मंगलवार शाम 6:30 बजे शामली पुलिस ने पानीपत पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी कि ईको स्पोर्ट गाड़ी में बच्चे का शव हो सकता है। पुलिस ने नाकाबंदी कर दी। शामली पुलिस हिमांशु का पीछा कर रही थी। इसकी भनक हिमांशु को नहीं थी। वह शामली से दिल्ली होते हुए सोनीपत, समालखा, सेक्टर-29, थाना चांदनी बाग और थाना शहर क्षेत्र को पार करते हुए टोल पर पहुंचा। जैसे ही टोल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल देखा तो उसने फोर्ड एजेंसी के पास ट्रक के पीछे कार खड़ी कर आग लगा दी। इसी दौरान पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
चारों शवों को ठिकाने लगाना था, दिल्ली से पेट्रोल खरीदा
सेक्टर 13-17 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अनिल कुमार की टीम ने हिमांशु को पकड़ा और जलती कार की वीडियो व फोटो विभाग के वाट््सएप ग्रुप पर डाली। कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि ये वही कार है जिसमें बच्चे का शव हो सकता है। फायर ब्रिगेड की गाड़ी ने आग बुझाई तो कार की डिक्की में बुरी तरह से जला शव मिला। इंस्पेक्टर अनिल कुमार और डीएसपी समालखा प्रदीप ने आरोपित हिमांशु से पूछताछ की तो बताया कि मंगलवार सुबह तीन बजे उसने तलवार से अजय पाठक (42) और उनकी पत्नी स्नेहलता (38) की तलवार से वार कर हत्या कर दी। इसके बाद कमरे में मोबाइल फोन से चैटिंग कर रही उनकी बेटी वसुंधरा (15) को भी काट डाला।
बेटे भागवत का गला घोंटा
बेटे भागवत की गला घोंटकर हत्या कर दी। वह चारों के शवों को ठिकाने लगाना चाहता था। उसने भागवत के शव को अजय पाठक की कार की डिग्गी में डाल दिया। वसुंधरा के शव को भी घसीटते हुए नीचे ले आया, लेकिन शव भारी होने के कारण वह कार में नहीं रख सका। सुबह लोगों के जागने के कारण वह घर का ताला लगाकर कार व भागवत का शव लेकर निकल गया। वह दिल्ली में भागवत के शव को ठिकाने नहीं लगा पाया। इसलिए उसने दिल्ली से पेट्रोल लिया। उसी पेट्रोल को डालकर कार में आग लगा दी। पानीपत पुलिस ने देर रात 2:50 बजे हिमांशु को शामली के डीएसपी रमनदीप और आदर्श थाना प्रभारी कर्मबीर ङ्क्षसह को सौंप दिया।
अंगूठी व चेन लूटना भी कबूला
हिमांशु ने बताया कि उसने अजय की अंगूठी व चेन भी लूटी। उसने घर से उतने रुपये व जेवर लिया जितना अजय को देना था। उसने सेफ से अन्य जेवरात व रुपया लूटने से इंकार किया। वह बोला यदि लोग नहीं आते तो वह चारों शवों को ले जाकर खुर्द-बुर्द कर देता। अजय को परिवार समेत करनाल जाना था, इसलिए उसने घर का ताला लगाया था।
विधायक के कॉल करने पर भी नहीं हुआ पोस्टमार्टम
सामान्य अस्पताल में पहुंचे शहरी विधायक से स्वजनों ने गुहार लगाई कि भागवत के शव का पोस्टमार्टम जल्द करा दें, ताकि पिता, मां व बहन के शव के साथ उसके शव का भी संस्कार कर सकें। शहरी विधायक प्रमोद विज ने सीएमओ को कॉल कर पोस्टमार्टम कराने के आदेश दिए। दो घंटे बाद भी पोस्टमार्टम नहीं हुआ तो स्वजनों ने विधायक को फिर से कॉल की। विधायक विज ने फिर से कॉल की तो डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. नवीन सुनेजा शवगृह पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि डॉ. संजीव गुप्ता व डॉ. मोना के बोर्ड को पोस्टमार्टम करना है। शव बुरी तरह से जला हुआ है इसलिए मौत की वजह का पता चलना मुश्किल है। एक्सपर्ट डॉ. नारायण डबास की मां का ऑपरेशन होना है। वे छुट्टी पर हैं। इसलिए शव को पीजीआइ रोहतक रेफर कर दिया है।
स्वजन लचर सिस्टम को कोसते रहे
भागवत के मामा प्रवीण ने पुलिस को लिखित में दिया कि शव को पानीपत में रखें। बृहस्पतिवार को डॉ. डबास आएंगे तो पोस्टमार्टम यहीं हो जाएगा। अन्यथा वे पीजीआइ से पोस्टमार्टम कराएंगे। स्वजन लचर सिस्टम को कोसते रहे। भागवत के फूफा हिसार के पटेल नगर के अशोक शर्मा ने पोस्टमार्टम करवाने के लिए डॉ. सुनेजा के सामने हाथ भी जोड़े। उन्होंने कहा कि विधायक के फोन करने के बाद भी पोस्टमार्टम नहीं हुआ। सिस्टम से उसका विश्वास उठ गया है।
मंगलवार रात को ही शामली पुलिस उसे ले गई। शामली पुलिस के अनुसार, हिमांशु अजय के सबसे करीब रहा है। हिमांशु ने अजय, उसकी पत्नी, बेटी व बेटे का बेरहमी से कत्ल किया। अजय पाठक पर हिमांशु के 60 हजार रुपये उधार थे। रुपये मांगने पर हुई तकरार व बीबी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर हिमांशु आपा खो बैठा और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने हिमांशु की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तलवार, पहने कपड़े, खुखरी, चार मोबाइल भी बरामद किए है।
हिमांशु को नहीं थी पुलिस के पीछा करने की भनक
मंगलवार शाम 6:30 बजे शामली पुलिस ने पानीपत पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी कि ईको स्पोर्ट गाड़ी में बच्चे का शव हो सकता है। पुलिस ने नाकाबंदी कर दी। शामली पुलिस हिमांशु का पीछा कर रही थी। इसकी भनक हिमांशु को नहीं थी। वह शामली से दिल्ली होते हुए सोनीपत, समालखा, सेक्टर-29, थाना चांदनी बाग और थाना शहर क्षेत्र को पार करते हुए टोल पर पहुंचा। जैसे ही टोल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल देखा तो उसने फोर्ड एजेंसी के पास ट्रक के पीछे कार खड़ी कर आग लगा दी। इसी दौरान पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
चारों शवों को ठिकाने लगाना था, दिल्ली से पेट्रोल खरीदा
सेक्टर 13-17 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अनिल कुमार की टीम ने हिमांशु को पकड़ा और जलती कार की वीडियो व फोटो विभाग के वाट््सएप ग्रुप पर डाली। कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि ये वही कार है जिसमें बच्चे का शव हो सकता है। फायर ब्रिगेड की गाड़ी ने आग बुझाई तो कार की डिक्की में बुरी तरह से जला शव मिला। इंस्पेक्टर अनिल कुमार और डीएसपी समालखा प्रदीप ने आरोपित हिमांशु से पूछताछ की तो बताया कि मंगलवार सुबह तीन बजे उसने तलवार से अजय पाठक (42) और उनकी पत्नी स्नेहलता (38) की तलवार से वार कर हत्या कर दी। इसके बाद कमरे में मोबाइल फोन से चैटिंग कर रही उनकी बेटी वसुंधरा (15) को भी काट डाला।
बेटे भागवत का गला घोंटा
बेटे भागवत की गला घोंटकर हत्या कर दी। वह चारों के शवों को ठिकाने लगाना चाहता था। उसने भागवत के शव को अजय पाठक की कार की डिग्गी में डाल दिया। वसुंधरा के शव को भी घसीटते हुए नीचे ले आया, लेकिन शव भारी होने के कारण वह कार में नहीं रख सका। सुबह लोगों के जागने के कारण वह घर का ताला लगाकर कार व भागवत का शव लेकर निकल गया। वह दिल्ली में भागवत के शव को ठिकाने नहीं लगा पाया। इसलिए उसने दिल्ली से पेट्रोल लिया। उसी पेट्रोल को डालकर कार में आग लगा दी। पानीपत पुलिस ने देर रात 2:50 बजे हिमांशु को शामली के डीएसपी रमनदीप और आदर्श थाना प्रभारी कर्मबीर ङ्क्षसह को सौंप दिया।
अंगूठी व चेन लूटना भी कबूला
हिमांशु ने बताया कि उसने अजय की अंगूठी व चेन भी लूटी। उसने घर से उतने रुपये व जेवर लिया जितना अजय को देना था। उसने सेफ से अन्य जेवरात व रुपया लूटने से इंकार किया। वह बोला यदि लोग नहीं आते तो वह चारों शवों को ले जाकर खुर्द-बुर्द कर देता। अजय को परिवार समेत करनाल जाना था, इसलिए उसने घर का ताला लगाया था।
विधायक के कॉल करने पर भी नहीं हुआ पोस्टमार्टम
सामान्य अस्पताल में पहुंचे शहरी विधायक से स्वजनों ने गुहार लगाई कि भागवत के शव का पोस्टमार्टम जल्द करा दें, ताकि पिता, मां व बहन के शव के साथ उसके शव का भी संस्कार कर सकें। शहरी विधायक प्रमोद विज ने सीएमओ को कॉल कर पोस्टमार्टम कराने के आदेश दिए। दो घंटे बाद भी पोस्टमार्टम नहीं हुआ तो स्वजनों ने विधायक को फिर से कॉल की। विधायक विज ने फिर से कॉल की तो डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. नवीन सुनेजा शवगृह पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि डॉ. संजीव गुप्ता व डॉ. मोना के बोर्ड को पोस्टमार्टम करना है। शव बुरी तरह से जला हुआ है इसलिए मौत की वजह का पता चलना मुश्किल है। एक्सपर्ट डॉ. नारायण डबास की मां का ऑपरेशन होना है। वे छुट्टी पर हैं। इसलिए शव को पीजीआइ रोहतक रेफर कर दिया है।
स्वजन लचर सिस्टम को कोसते रहे
भागवत के मामा प्रवीण ने पुलिस को लिखित में दिया कि शव को पानीपत में रखें। बृहस्पतिवार को डॉ. डबास आएंगे तो पोस्टमार्टम यहीं हो जाएगा। अन्यथा वे पीजीआइ से पोस्टमार्टम कराएंगे। स्वजन लचर सिस्टम को कोसते रहे। भागवत के फूफा हिसार के पटेल नगर के अशोक शर्मा ने पोस्टमार्टम करवाने के लिए डॉ. सुनेजा के सामने हाथ भी जोड़े। उन्होंने कहा कि विधायक के फोन करने के बाद भी पोस्टमार्टम नहीं हुआ। सिस्टम से उसका विश्वास उठ गया है।
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