Jun 3, 2014

=> केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुण्डे की सड़क हादसे में मौत

 "मुझे बहुत दुःख है की गोपीनाथ मुण्डे जैसा
ससक्त नेता हमारे बीच से चला गया।
भारत के लिए यह बहुत ही अपूर्णीय छति है।
- नरेन्द्र मोदी, प्रधानमन्त्री"
नरेंद्र मोदी सरकार में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गोपीनाथ मुंडे की मंगलवार सुबह दिल्ली में हुए एक सड़क हादसे के बाद हार्ट अटैक आने से  ६.३० बजे  के करीब मौत हो गई। मुंडे को हादसे के बाद एम्स के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था, जहां सुबह इलाज के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद एम्स पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मीडिया को मुंडे के निधन की खबर दी।
        बताया जा रहा है की गोपीनाथ मुण्डे सुबह अपनी कार से अपने लोक सभा क्षेत्र बीड में विजय सभा को सम्बोधित करने जाने के लिए एयरपोर्ट की तरफ जा रहे थे की पृथ्वीराज रोड पर अरविंदो चौक के पास सामने से आ रही इण्डिका कार ने टक्कर मार दी उसके तुरंत बाद उनके साथ कार में बैठे ड्राइवर और सहायक ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। एक डॉक्टर के मुताबित अस्पताल पहुँचने पर उनकी सांसे रुकी हुयी थी और हार्ट भी काम नहीं कर रहा था। गौरतलब है की मुण्डे को डाइबिटीज और उच्च रक्तचाप की समस्या पहले से ही थी।  

एक परिचय:
गोपीनाथ मुंडे (१९४९-२०१४) एक भारतीय राजनेता है और महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री थे। १९९५ में हुये विधानसभा के चुनावों में उन्होंने सफलता पाई और महाराष्ट्र राज्य के उपमुख्यमंत्री बने। उन्होंने अपनी पहचान ज़मीन से जुड़े एक कार्यकर्ता के तौर पर बनाई और वे एक राजनेता के साथ-साथ एक कृषक भी थे । मई-२०१४ में वह नरेन्द्र मोदी मंत्रिमंडल में शामिल हुए थे, लेकिन उस के कुछ दिनों बाद ही दिल्ली में एक कार दुर्घटना में उनका देहान्त हुआ |
गोपीनाथ मुंडे महाराष्ट्र राज्य में भारतीय जनता पार्टी का चेहरा हैं। लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गोपीनाथ मुंडे महाराष्ट्र भारतीय जनता पार्टी के सबसे चमकदार चेहरे है। मुंडे को महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी की ओर से एकमात्र भीड़ जुटाने वाले नेता के तौर पर जाना जाता है। महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी को खड़ा करने वालों में उनका नाम लिया जाता है। गोपीनाथ मुंडे महाराष्ट्र के कद्दावर ओबीसी नेता हैं। गोपीनाथ मुंडे पिछड़े वर्गों में अच्छा प्रभाव रखने वाले महत्पूर्ण ओबीसी नेता हैं। महाराष्ट्र प्रदेश में उन्हें भारतीय जनता पार्टी का अकेला जननेता माना जाता है। वे महाराष्ट्र भारती जनता पार्टी में अपना अलग महत्व है। महाराष्ट्र में एकमात्र जमीनी नेता मुंडे को नाराज करने से वहां भारतीय जनता पार्टी को भारी क्षति पहुंचेगी। महाराष्ट्र में उनके वर्चस्व के सामने कोई चुनौती खड़ी नहीं होगी। मायनस मुंडे महाराष्ट्र भारतीय जनता पार्टी की स्थिति बिना नमक समुद्र जैसी होने की आशंका है। 
        वे ४० साल से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े है। ३७ साल से चुनकर आ रहे है। गोपीनाथ मुंडे के शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे से, शिवसेना से गठबंधन के संबंध २२ साल पुराने है।

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