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Sep 10, 2018

=> गुरु बने घंटाल, शिष्य के शोध को अपनी पुस्तक में ‘उड़ेल’ दिया


  • संवाददाता, ई रेडियो
मेरठ तो वैसे बेहद रहस्यमई और क्रान्तिकारी लोगों की धरती मानी जाती है लेकिन यहां पर उसी मात्रा में ठग और धोखेबाज भी पाये जाते हैं। ताजा मामला है चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के प्रोफेसर नवीन चंद्र लोहानी का, साहब ने अपने शिष्य द्वारा किये गये शोध में से 36 कवियों के लेख को एकदम बेदर्दी से अपनी पुस्तक में उड़ेल दिया इसके बाद तो जैसा को तैसा मिला। गुरू के घंटाल होने की सूचना पर उनके शिष्य डॉ. मदनपाल मावी ने कॉपीराइट के उल्लंघन की शिकायत की और जनाब दोषी पाए गए।

ऐसे किया साहित्य चोरी

मदनपाल ने वर्ष 2000 में ‘कौरवी जन्य काव्य का सामाजिक अध्ययन’ विषय पर पीएचडी की थी। यह वर्ष 2005 में अवार्ड हुई। प्रो. लोहानी ने उनके शोध से 36 कवियों के लेख हूबहू कॉपी करके अपनी पुस्तक ‘कौरवी लोक साहित्य’ में प्रकाशित करा दिया। दिल्ली के भावना प्रकाशन ने इसके प्रकाशित किया। जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि हो गई। इस प्रकरण में विश्वविद्यालय अधिनियम 8.1 के अंतर्गत अनुशासन समिति भी गठित कर दी गई है।

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