Nov 22, 2011

=> पोर्नोग्राफ़िक संस्था के ख़िलाफ़ मुकदमा

दो बड़ी पोर्नोग्राफ़िक कंपनियों ने इंटरनेट वेबसाइटों के पतों को मंज़ूरी देने वाली संस्था आईकैन के ख़िलाफ़ मुकदमा दायर किया है क्योंकि आईकैन ने .xxx डोमेन वाली वेबसाइटो को मंज़ूरी दी है. पॉर्नोग्राफ़ी दिखाने वाली वेबसाइटों के लिए अलग इंटरनेट डोमेन .xxx को इस साल मार्च में स्वीकृति दी गई थी.
लेकिन प्लेबॉय साइटों की प्रबंधन कंपनी मैनविन लाइसेनसिंग और डिजिटल प्लेग्राउंड का कहना है कि .xxx को मंज़ूरी देना ग़लत है. आईकैन ने कहा है कि वो इस मामले पर पुर्नविचार कर रही है.
ग़ैर सरकारी संस्था आईकैन ने पहले .xxx डोमेन नाम दिए जाने पर ऐतराज़ किया था. आईसीएम कंपनी ने 2000 में इसके लिए आवेदन किया था. उस समय आईकैन का कहना था कि इंटरनेट पर व्यस्कों के लिए सामग्री पहले सी ही उपलब्ध है और अलग से .xxx डोमेन की ज़रूरत नहीं है.
लेकिन आईसीएम बार-बार इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करती रही. फिर एक स्वतंत्र पैनल ने मामले पर विचार किया और आईसीएम का समर्थन किया. फिर इस साल मार्च में तीन के मुकाबले नौ वोटों से .xxx डोमेन नाम देने के पक्ष में मतदान हुआ. आईसीएम ने कहा है कि वो 2012 में इस नाम को लॉन्च करेगी.
लेकिन प्लेबॉय वेबसाइटें चलाने वाली कंपनी मैनविन ने कहा है कि आईसीएम हर पते के लिए सालाना 60 पाउंड फ़ीस माँग रही है जो बाकी डोमेन नाम के लिए तय फ़ीस से दस गुना ज़्यादा है.
मैनविन का ये भी कहना है कि .xxx डोमेन नाम जारी करने से पहले संस्था ने कोई बोली नहीं लगवाई और न ही .xxx शुरु करने के फ़ैसले से पहले कोई आर्थिक अध्ययन करवाया. ये भी आरोप लगाया गया है कि अपनी अर्ज़ी के पक्ष में आईसीएम ने फ़र्ज़ी टिप्पणियाँ लिखवाईं.
लेकिन आईसीएम ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है !

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