Jun 24, 2013

=> एससी व एसटी एक्ट को समाप्त करने का फूंका जायेगा बिगुल

मूर्ति विध्वंश की पहली वर्षगांठ पर 

अमित जानी करेंगे स्वाभिमान महापंचायत

त्रिनाथ मिश्र।

मेरठ। मूर्ति विध्वंश की पहली वर्षगांठ पर उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना लखनउफ में स्वाभिमान महापंचायत करेगी। जिसमें एससी व एसटी एक्ट को खत्म कराने के लिए आंदोलन की बिगुल पफूंका जायेगा। इसके लिए प्रत्येक जिलों बैठके कर लोगों को महापंचायत में पहुंचने का आहवान किया जा रहा है।
हापुड़ रोड स्थित यदु होटल में उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित जानी ने अमर भारती संवाददाता को बताया कि गत 16 जुलाई को उनकी सेना के दस सदस्यों ने उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्राी मायावती की लखनउफ में स्थित मूर्तियों को तोड़ दिया था। जिसमें वह जेल भी गए थे। इस घटना को आगामी 16 जुलाई को एक वर्ष हो जायेगा। घटना की पहली वर्षगांठ पर सेना इसे स्वाभिमान महापंचायत के रूप में मनायेगी। एससी व एसटी एक्ट को समाप्त करने के लिए लखनउफ में आयोजित महापंचायत में इसका बिगुल पफूंका जायेगा। उनका कहना था कि लोकसभा, विधनसभा, नगर पालिका, नगर पंचायत व ग्राम पंचायत के चुनावों में एससी व एसटी आरक्षण को समाप्त किया जाए।
                  अमित ने बताया कि भारत में स्वर्ण, ब्राहमण, क्षत्रिय, मुस्लिम आदि पर एससी व एसटी एक्ट के सवा दो करोड़ पफर्जी मुकदमें है, जबकि उत्तर प्रदेश में 16 लाख मुकदमें मायावती राज में दर्ज हुए। ये सभी मुकदमें पफर्जी है, जो जाति सूचक शब्द कहने पर ही दर्ज हो गए। आरोप है कि मायावती ने दलितों को एक मुकदमा दर्ज कराने पर 25 हजार रफपये दिए। माया सरकार में एससी व एसटी को बढ़ावा मिला।

विभिन्न दलों का मिल रहा सहयोग-उन्होंने बताया कि महापंचायत को सपफल बनाने के लिए वे प्रदेश के अलग-अलग जिलों में जाकर लोगों को जोड़ने का काम कर रहे है। उन्होंने अब तक सैपफई, इटावा, जसवंतनगर, आगरा, पफरीदाबाद, मथुरा, दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ आदि शहरों में वे बैठक कर चुके है। अब 28 जून को बनारस, 11 जुलाई को बस्ती, 17 जुलाई को कानपुर, 14 जुलाई को सिद्वार्थनगर आदि जिलों में बैठकों का कार्यक्रम है। उन्होंने बताया आगामी 7 जुलाई को अमेठी में हल्ला बोल रैली आयोजित होगी और इसके बाद कानपुर में 3 जनसभाए आयोजित होगी।
अमित जानी ने बताया कि स्वाभिमान महापंचायत को सपफल बनाने के लिए उन्हें सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव व लोक निर्माण मंत्री शिवपाल यादव, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री  ओमप्रकाश चैटाला सहित खाप पंचायतों तथा उलेमाओं का भी सहायोग मिल रहा है।

Jun 18, 2013

=> खाकी पर लागू नहीं नियम, पुलिस जीप में नही है नंबरप्लेट

Meerut। खाकी पर लागू नहीं नियम। सडक पर चलने वाले वाहनचालकों को नंबरप्लेट.गाडी के दस्तावेजों के नाम पर परेशान करने वाले खाकीधारक हवा में उडा रहे हैं सडक पर चलने के नियम।
सडक पर चलने से पहले आम आदमी पुलिस के डर से अपने वाहनों के समस्त दस्तावेज साथ लेकर चलता है और यदि भूल से भी हैलमेट न हो या बाईक या चारपहिया गाडी का कोई दस्तावेज भूल जाये या गाडी की नंबरप्लेट से कोई एक भी अक्षर मिटा हुआ हो तो शुरू हो जाता है खाकी का खेल या तो वाहनचालक का चालान काटा जायेगा या फिर 10, 20, 50, 100 रूपये जो मिले उनसे पुलिसवाले काम चला लेते हैं। सडक पर चलने वाले वाहनचालकों पर तो आरटीओ के नियम तो लागू हैं पर शायद परिक्षितगढ पुलिस पर नहीं। मेरठ जनपद पश्चििमी उत्तरप्रदेश का सबसे बढा जनपद है। और क्राईम के मामले में भी मेरठ का नाम स्वर्णिम अक्षरों में है। जनपद के कप्तान द्वारा सख्त पुलिसिंग के आदेश हैं मगर इन सभी आदेशों के बाद भी परिक्षितगढ पुलिस के कानों पर जूं रेंगती दिखाई नहीं देती किठौर क्षेत्र के थाना परिक्षितगढ में
पुलिस जीप में न ही नंबरप्लेट है और जीप की खस्ता हालत देखते हुए यह कहते हुए कोई हर्ज नहीं है कि शायद एक पैदल चलने वाला इंसान अगर दौड लगाये तो जीप को पीछे छोड देगा आखिर ऐसे खस्ताहाल वाहनों द्वारा पुलिस किस प्रकार क्राईम कंट्रोल कर पायेगी। घटना घटने के घंटो बाद पुलिस पहुंचती है और यदि इसका कारण पूछा जाये तो ककहते हैं कि सूचना नहीं थी जबकि उसका असल कारण सिर्फ और सिर्फ जर्जर जीप और थाने के वाहन ही है।
जवाब दीजिये कप्तान साहब?
                       जनपद या देहात क्षेत्र में आपके आदेशों के बाद सप्ताह में कई बार चैकिंग अभियान चलाये जाते हैं लेकिन उन चैकिंगों के नाम पर आप ही के विभाग के अधिनस्थ दारोगा जी या थानाप्रभारी चैकिंग के नाम पर सिर्फ अपनी जेब गर्म करने का काम करते हैं जिससे राजस्व को चपत लगती है सडक पर चलने वाले वाहनस्वामीयों की जेब पर चैकिंग के नाम पर जो डाका डाला जाता है और कागज न होने पर नंबरप्लेट न होने पर जो कार्यवाही की जाती है क्या वही नियम आपकी पुलिस पर लागू नहीं है।  - by Sanchit Arora, Mawana

Jun 11, 2013

=> अब 2 महीना पहले ही रिजर्वेशन हो सकेगा

अब आप 4 महीना पहले ट्रेन में रिजर्वेशन नहीं करा पाएंगे। रेलवे ने अडवांस रिजर्वेशन के लिए नया नियम बना दिया है। नए नियम के मुताबिक अब 2 महीना पहले ही रिजर्वेशन हो सकेगा। नया नियम 1 मई से लागू होगा। रेलवे ने रेल टिकट के रिजर्वेशन में बढ़ती कालाबाजारी को रोकने के लिए कड़ा कदम उठाया है। गुरुवार को इस मामले में एक अहम फैसला लिया गया। अब इस फैसले के तहत यात्रा की तारीख से अधिकतम 60 दिन (2 महीने) पहले रेल टिकट का रिजर्वेशन करवाया जा सकेगा। अभी 4 महीने पहले रिजर्वेशन करवाने की सुविधा है।