Jan 27, 2016

=> ‘स्वयं में सुधार’ से मिलेगी असली आजादीः शाहिद मंजूर

पुलिस लाइन्स में आयोजित परेड की ली सलामी
शहर के विभिन्न स्कूल-कॉलेजों में बच्चों को सिखाया मानवता का पाठ
सियासत संवाददाता मेरठ
गणतंत्र दिवस के अवसर पर शहर के विभिन्न स्कूलों, कालेजों और शिक्षण संस्थाओं में तिरंगा फहराया गया और पदाधिकारियों से लेकर कर्मचारियों ने सलामी दी। भक्ति धुनों पर थिरकते बच्चों ने जहां समां को देश-भक्तिमय किया वहीं पर मेरठ के पुलिस लाइन में परेड को देखकर मेरठ की जनता फूले नहीं समा रही थी। पुलिस लाइन में झंडा फहराने के बाद परेड का आयोजन किया गया। परेड में शामिल सिपाहियों ने देशभक्ति की धुनों पर कदमताल कर प्रदर्शन किया। मंच से शाहिद मंजूर ने सलामी ली। घुड़सवार और बाइक सवार जवानों ने भी परेड में हिस्सा लिया। फायर बिग्रेड की गाड़ियों को भी इसमें शामिल किया गया।
             डीएम पंकज यादव, कमिश्नर आलोक सिन्हा, आईजी सुजीत पाण्डे, डीआईजी लक्ष्मी सिंह, एसएसपी दिनेश चंद्र दुबे, एसपी सिटी ओमप्रकाश, एसपी देहात कैप्टेन एमएम बेग, सभी सर्किल के सीओ और कई थानों की पुलिस के बीच पुलिस लाइन्स में चलने वाले परेड में हैरतअंगेज करतबों को देखकर सभी दंग रह गये। कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर की उपस्थिति में कार्यक्रम जब परवान चढ़ा तो मौसम भी साथ देने को मजबूर हो गया। सलामी लेने के बाद अपनी अभिव्यक्ति भाषण में देश की एकता और अखण्डता को बरकरार रखने की गुजारिश के साथ कैबिनेट मंत्री का उद्बोधन समाप्त हुआ, इसके बाद पारी थी पुलिस अधिकारियों एवं प्रशासन की।
             देश भक्ति के पावन झरोखों को देखकर ऐसा लग रहा था कि मानों प्रत्येक व्यक्तियों के जज्बे में ‘आजादी के समय वाली’ गूंज अभी तक बरकरार है। इस अवसर पर देशभक्ति से सरोबार सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें प्रतिभागियों का उत्साहवर्द्धन किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्टूडेंट्स ने आंतकवाद के खिलाफ नाटिका प्रस्तुत की। इसमें आतंकवाद खत्म करने और आतंकवादियों को देश से बाहर खदेड़ने का संदेश दिया गया।

कानून व्यवस्था सुधारों वरना दे दूंगा स्तीफाः शाहिद मंजूर

पुलिस लाइन्स में परेड की सलामी लेने के बाद कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर का काफिला नगला-साहू के एक स्कूल के कार्यक्रम में प्रतिभाग के बाद राधना के एक स्कूल में पहुंचा। वहां बच्चों की प्रतिभाओं को देख सभी झूम उठे। इसी बीच वहां की वर्तमान परिस्थित के बारे में बोलते हुये शाहिद मंजूर ने पुलिस पर निशाना साधते हुये कहा कि, ‘यहां की पुलिस निष्कि्रय हो चुकी है, अपराध थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसके लिये पुलिस पूरी तरह से जिम्मेदार है।’ कानून से हटकर अपने फायदे के लिये अनैतिक कार्य करने वालों के खिलाफ सख्ती से पेश आयें और अपराधियों पर लगाम लगाने के लिये कानूनी रास्ता अखि्¸तयार करें। हर बुरे व्यक्ति को नियमसंगत सजा मिलना जरूरी है तभी एक स्वस्थ्य राष्ट्र का विकास हो सकता है।

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